Aarushi Singh Rajput stories download free PDF

Raaz - Part 8

by Aarushi Singh Rajput
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अवंतिका दुकान से बाहर निकल आई, लेकिन उसके कदम वहीं रुक गए। जाने क्यों उसे लगा कि वीर कुछ ...

Raaz - Part 7

by Aarushi Singh Rajput
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मेरी है।"अवंतिका खिड़की के सामने खड़ी रह गई। उसकी नज़र बार-बार उन तीन शब्दों पर टिक जा रही थी। ...

Conversations With Myself - 3

by Aarushi Singh Rajput
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ज़िंदगी सच में अजीब होती है।इतना कुछ हो जाता है कि एक दिन अचानक एहसास होता है—हम बड़े कब ...

Raaz - Part 6

by Aarushi Singh Rajput
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मेहर"अवंतिका।" मेहर ने chips रख दिए। "छह साल से जानती हूँ तुझे। तेरा 'हाँ' वाला झूठ मुझे पहचान आता ...

Conversations With Myself - 2

by Aarushi Singh Rajput
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शाम धीरे-धीरे ढल रही थी।पूरा दिन जैसे आँसुओं में भीगकर निकल गया। अब आँखें तो सूख चुकी थीं, लेकिन ...

Raaz - Part 5

by Aarushi Singh Rajput
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अवंतिका ने दरवाज़ा पूरा खोल दिया।"अंदर आइए," उसने धीरे से कहा।कमला बाई कुछ पल वहीं खड़ी रही, जैसे अंदर ...

Objection, Ms. Singhania! - 4

by Aarushi Singh Rajput
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राजवीर सिंघानिया अभी अपनी स्पीच दे ही रहे थे।हॉल तालियों से गूँज रहा था।उधर, भीड़ से थोड़ा दूर खड़े ...

Raaz - Part 4

by Aarushi Singh Rajput
  • 1.4k

तीनों एकदम वहीं ठिठक गए।वह कोई गाना नहीं था… बस एक धुन थी।कोई शब्द नहीं, फिर भी वह बहुत ...

Objection, Ms. Singhania! - 3

by Aarushi Singh Rajput
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रात के लगभग साढ़े नौ बज रहे थे।मुंबई की चमचमाती सड़कें रोशनी से जगमगा रही थीं।एक काली Mercedes हाईवे ...

Raaz - Part 3

by Aarushi Singh Rajput
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सुबह के सात बज रहे थे।चंदनगढ़ की सुबह दिल्ली जैसी नहीं थी।दिल्ली की सुबह शोर के साथ जागती है, ...