चार साल बीत गए।परिवीक्षा-अवधि पूर्ण हुई और एडिशनल कलेक्टर के रूप में एक साल का कार्यानुभव भी, तबजाकर डिस्ट्रिक्ट ...
दिव्या की ट्रेन नई पोस्टिंग की ओर बढ़ रही थी। अगला जिला—एक छोटा-सा पहाड़ी इलाका, जहां सड़कें संकरी थीं ...
अकादमी से ट्रेनिंग कंप्लीट होने के बाद दिव्या को संयोगवश एम.पी. कॉडर ही मिल गया। क्योंकि वह उसका गृह ...
उसने दस-बाय-दस का एक कमरा ले लिया। एक खिड़की, एक बल्ब, एक गैस। दीवार पर नमोकार मंत्र का फोटो।पहली ...
शाम से बातें शुरू हो गईं।उन्होंने लिखा—'दिव्या, तुम्हारी लेखनी में दर्द भी है और विद्रोह भी। मैंने कभी किसी ...
बाहर लगे सार्वजनिक हेण्डपम्प से पानी भरकर लौटने के बाद मंजीत ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। बाल्टी ...
तीस साल की दिव्या, श्वेत साड़ी में लिपटी एक ऐसी लड़की, जिसके कदमों में घुंघरू थे, पर कंधों पर ...
राघवी दी का आश्रम से बहिर्गमन देख काव्या का मन अस्थिर हो गया था। क्योंकि उसने भी प्रेम में ...
आश्रम में सन्नाटा पसरा था। साध्वी विशुद्धमति, जिनकी उम्र अब पिचासी को पार कर चुकी थी, अपने कक्ष में ...
उस रात रावी तट के उस गाँव में शिशिर की खुली बयार बह रही थी, और मंजीत और रागिनी ...