कमरे में गूंजती हुई उस घंटी की आवाज़ ने जैसे किसी सोए हुए बवंडर को अचानक जगा दिया था। ...
शहर की रफ्तार अपनी नियमित गति से आगे बढ़ रही थी, लेकिन राघवन और मीरा के जीवन में समय ...
सुबह की पहली किरण जब खिड़की के उन मोटे पर्दों को चीरती हुई कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो ...
महानगर की फिज़ा में जो अजीब सी घुटन थी, वह राघवन के लिए अब उतनी अनजानी नहीं रही थी। ...
रात के ढाई बज रहे थे। कमरे में एकमात्र उजाला राघवन के लैपटॉप की स्क्रीन से आ रहा था, ...
ये मेरी चार साल पुरानी रचना थी। जिसे मैने तब पब्लिश नहीं किया था क्योंकि लैपटॉप खराब हो गया ...
भूपेंद्र के जीवन का सूरज अब पूरी तरह अस्त हो चुका था। जिस साहब वाली छवि को बचाने के ...
भूपेंद्र ने एलिमनी चुकाने के लिए बैंक से लोन लेना चाहा, लेकिन उसे लोन नहीं मिला क्योंकि उसके पुराने ...
काया ने महसूस कर लिया था कि भूपेंद्र पिछले कुछ दिनों से उखड़ा-उखड़ा रहता है। उसके चेहरे की हवाइयाँ ...
मनोरमा देवी के कानों तक यह खबर पहुँच चुकी थी कि उनके राजा बेटे की नौकरी जा चुकी है। ...