हमदान मीर अपने घमंड में मुस्कुराते हुए शेख मंसूर और दिमित्री को डील की बारीकियाँ समझा रहा था। वह ...
शानदार झाड़-फानूसों की रोशनी में नहाए हुए बैंक्वेट हॉल में संगीत और महफिल की चहल-पहल थी।हमदान मीर सफेद कढ़ाईदार ...
कराची इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रात के समय मुसाफिरों की भारी भीड़ थी।इमिग्रेशन काउंटर की कतार में एक अधेड़ उम्र ...
अब उसके पास लोकेशन भी थी और वक्त बहुत कम। उसने बाहर खड़ी कार स्टार्ट की और अलेक्जेंड्रिया हाइवे ...
नौशाद ने अपनी कलाई की ड्रिप खींचकर अलग फेंकी और अपने टैक्टिकल बूट्स के तस्मे कसने लगा। अब उसके ...
दिल्ली शहर १९९७ एक छोटी सी हॉस्पिटल में पैदा हुआ साहिर अली साहिर के पैदा होने से ठिक २ ...
नौशाद इब्राहिम खान:"लेकिन गद्दार कौन हो सकता है?! इस कायरो मिशन का खाका सिर्फ एजेंसी के सबसे सीक्रेट लूप ...
नौशाद ने हमदान का कॉलर अपनी मुट्ठी में पूरी ताकत से जकड़ रखा था। उसकी आँखों में दावर के ...
तभी दावर के चेहरे पर एक शांत, बेपरवाह मुस्कान उभरी। उसने धीरे से अपनी जेब से एक एनक्रिप्टेड सेटेलाइट ...
काहिरा के रेगिस्तानी इलाके में रात का गहरा सन्नाटा था। बंद पड़ी सीमेंट फैक्ट्री के अंदर पीली बत्तियों की ...