Prafulla Kumar Tripathi stories download free PDF

गोदान - आज भी सार्थक उपन्यास

by Prafulla Kumar Tripathi
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प्रेमचन्द हिन्दी साहित्य के जाने पहचाने साहित्यकार हैं |इनका बचपन संघर्षपूर्ण बीता | इन्होने अपनी आजीविका एक अध्यापक के ...

खुली किताब के मुखरित पन्ने

by Prafulla Kumar Tripathi
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वरिष्ठ पत्रकार और संपादक श्री जय शंकर मिश्र ने अगस्त 2025 में मुझे प्रख्यात समाज सेवी डा0जी०पी० भगत के ...

मैं भी चेतन

by Prafulla Kumar Tripathi
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बहुत मुश्किल में डाल दिया है तुमने |.. आज क्या मुझे अपनी चुप्पी तोडनी ही होगी ?.. नहीं, छोड़ो ...

गोमती तुम बहती रहना - 18

by Prafulla Kumar Tripathi
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चला वाही देस ! कुछ लोगों के परामर्श पर वर्ष 2012 की शुरुआत में मैंने अपनी कुछ जमापूँजी और ...

पर काया की तलाश

by Prafulla Kumar Tripathi
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“कल्पनाओं ने शब्द दिए ,शब्दों ने अक्षर और तब इन अक्षरों से मिलकर तैयार हुआ वाक्य ! किन्तु क्या ...

गोमती तुम बहती रहना - 17

by Prafulla Kumar Tripathi
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नदियों की तरह हम मनुष्यों के जीवन को भी नदी की बहती हुई धाराओं की तरह होना चाहिए | ...

गोमती तुम बहती रहना - 16

by Prafulla Kumar Tripathi
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दगे हुए कारतूसों के बीच जीवन का उत्तरार्ध बीत रहाहै। आप तो जानते ही हैं कि कारतूस दो तरह ...

समीक्षा - जब से आंख खुली है - लीलाधर मंडलोई - जीवंत स्मृतियों का शिलालेख

by Prafulla Kumar Tripathi
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एक कहावत है कि एक असफल लेख़क एक अच्छा समालोचक होता है । मैं भी अपने आप को इसी ...

उपन्यास दूसरी पारी की समीक्षा ।

by Prafulla Kumar Tripathi
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* जीवन की दूसरी पारी खेलते हुए रामेश्वरी नादान के लिखे “दूसरी पारी” उपन्यास को पढ़ना - एक सुखद ...

गोमती तुम बहती रहना - 15

by Prafulla Kumar Tripathi
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चुनौतियां , लुधियाना से दिल्ली तक ! मेरे फ़ेसबुक मित्र ...