गोलियों की आवाज़ अब और करीब आ चुकी थी।मैं डर से कांप रही थी… और अर्जुन के हाथ में ...
मंडप सजा हुआ था। शहनाई की आवाज़ पूरे घर में गूंज रही थी। सबके चेहरों पर खुशी थी… सिवाय ...