शानवी अब उसे सिर्फ प्यार से नहीं देखती थी…वो उसे ध्यान से देखने लगी थी। हर हरकत। हर प्रतिक्रिया। ...
Present Time – Late Nightकमरे में फिर से सन्नाटा छा गया था। Kabir कुछ नहीं बोला। उसने Shristi की ...
(रात का समय। हवेली के बाहर सन्नाटा। अंदर बच्चों के कमरे में हल्की-सी रोशनी।)कुछ रातें नींद नहीं लातीं… सुकून ...
पाँच महीने कैसे पंख लगाकर उड़ गए… किसी को पता ही नहीं चला। उधर हवेली में… एक दिन ससुर ...
घड़ी की सुइयाँ 4 बजने ही वाली थीं। कार्तिकेय का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। साँसें थम-सी गई ...
धीरे-धीरे दिनों ने एक खूबसूरत रफ़्तार पकड़ ली थी।ना अब कोई डर था, ना कोई गलतफहमी।तीनों एक-दूसरे को समझ ...
Past Time – Suhagrat Nightकमरा अंधेरे में था, हल्की मोमबत्तियों की रोशनी थी। फूलों की खुशबू थी, पर माहौल ...
शानवी उस फाइल वाली बात को बार-बार याद करकेखुद को ही समझा रही थी —वो बोली -मैं सच में ...
(दोपहर। हवेली के बाहर कुछ लोग काग़ज़ों पर साइन कर रहे हैं।सुनीति और कौशिक पास खड़े हैं—अदृश्य।)एक सेठ ने ...
दोपहर का खाना खत्म हो चुका था। चारों आँगन में चटाई पर बैठे थे। हवा हल्की-हल्की चल रही थी। ...