लोह पर मक्की की मोटी-मोटी रोटियां थापती वीरों के दिमाग में विचारों के अंधड़ चल रहे थे। नीचे से ...
"ओए रोशन, ट्यूबवेल का पानी बंद करा कि नहीं? स्कूल जाने से पहले बंद कर देना याद से। " ...
जाड़ों में जब वृक्ष एकदम रूखे और नंगे हो जाते हैं यहां तक कि उनकी चमड़ी भी उधड़ने लगती ...
"कुछ चाय वाय पी हो कि नहीं?-सुबह उठते ही रियाज़ करने बैठ जाती हो बिटिया! " दद्दा के पूछने ...
(यह कहानी छत्तीसगढ़ी भाषा में ना लिखकर साधारण भाषा में लिखी गई है) छत्तीसगढ़ में सबसे घने जंगल को ...
धारा ने कर पार्किंग लोट में खड़ी की और दौड़ती हुई साउथ वेस्ट एयरलाइंस के कॉरिडोर में पहुंची तभी ...
"जब देखो तुम फोन पर चिपकी रहती हो!" वैष्णवी के पास से गुजरते हुए मनोज खिजे हुए से बाहर ...
एपिसोड---50 अक्सर बहुत कुछ ऐसा भी घटता है जीवन में, जो शेष रह कर भी अशेष ही रह जाता ...
एपिसोड ---49 अतीत की स्मृतियों की कुछ ऐसी तरंगे भी हैं जो याद आने पर मेरे वर्तमान में फुर्ती ...
एपिसोड---48 हमारी जिंदगी के शानदार संस्मरणों में यह एक अनोखा, उत्साहवर्धक और अल्लाहद्कारी संस्मरण था। सन 2002 की बात ...