Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
M K

बद्दुआ देने में जरा देर लगी मुझे, वरना तुम कब के बर्बाद हो गए होते मेरी इन्सानियत है जो तुझे अब तक खुश रहने दिया साफ दिल को रुलाओगे तो,जीना दुश्वार हो जाएगा। - M K

M K

तुम्हे चाहा तो बहुत अब न चाहेंगे हम, ये दिल है मेरा, दिल से रिश्ता कोई निभाएंगे न हम ... - M K

Kirti kashyap

"ये खुमारी कैसी" दिल पे ये छाई अजब सी बेक़रारी कैसी, इश्क़ इकतरफ़ा है तो फिर ये खुमारी कैसी। किसी तपिश से न पिघले वो पत्थर हूँ मैं, फिर तेरे बिना दिल को ये सोगवारी कैसी। ख़ुद को संभालने की सिफ़त अता है मुझे, मगर अब हर इक साँस में ये गिराँ-बारी कैसी। फर्क़ नहीं पड़ता मुझे अब किसी एहसास से, कह तो देती हूँ मगर फिर ये अश्कबारी कैसी। आईने से भी अब कोई गुफ़्तगू नहीं होती, इस बेख़बरी में फिर ख़ुद से ग़मख्वारी कैसी। तुम निभाओ मोहब्बत, मैं दोस्ती ही निभा लूंगी, मोहब्बत तो मोहब्बत है, फिर मेरी तुम्हारी कैसी। ये तवील सफ़र “कीर्ति” तन्हा ही काट लेगी, अब किसी हमसफ़र से साझेदारी कैसी। Kirti Kashyap"एक शायरा"✍️ खुमारी = नशा-सा एहसास, मदहोशी, तपिश = गर्मी, जलन, सोगवारी = शोक, गहरा दुःख, मातम, सिफ़त = गुण, आदत, हुनर, अता = मिली हुई, प्रदान की गई गिराँ-बारी = भारीपन, बोझिल एहसास, अश्कबारी = आँसुओं का बहना, रोना, ग़मख्वारी = हमदर्दी, हरदर्द होना, तवील = लंबा, दीर्घ

Imaran

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Parmar Mayur

ईश्वर का स्मरण यानी हर एक दुःख के लिए हमें मिलानेवाला आश्वासन और सुख के लिए किया जानेवाला धन्यवाद। - Parmar Mayur

Dada Bhagwan

જેનું મરણ છે, એ બધાં જ સંસારી! - દાદા ભગવાન વધુ માહિતી માટે અહીં ક્લિક કરો: https://dbf.adalaj.org/kdYmlvna #quoteoftheday #spiritualquotes #quotes #spirituality #DadaBhagwanFoundation

Imaran

😂imran 😂

Saliil Upadhyay

*એક પરિણિત પુરુષોની વ્યથા* સાલુ આપણને શું ભાવે શું ના ભાવે એ પણ પત્નિ નક્કી કરી નાખે... પડોશણે આવીને મને પૂછ્યું ગાજરનો હલવો ખાવો છે ? હું હા પાડુંતે પહેલા જ... પત્નીઃ એમને ગળ્યું ઓછું ભાવે છે..... પત્નિ જાણે છે મને ગાજરનો હલવો બહુ જ ભાવે...પણ.. તમે હસતા રહો અને મસ્ત રહો😀

Deepak Bundela Arymoulik

पैसा आया तो धैर्य ने चुपचाप अपने जूते दरवाज़े पर छोड़ दिए, संवेदनाएँ बोलीं— अब यहाँ जगह कम है, और सहनशीलता ने सिर झुका कर विदा ले ली। अहंकार सिंहासन पर बैठा मुस्कराया, बोला— अब मैं ही घर का मालिक हूँ, जहाँ पहले इंसान बसता था, अब सिर्फ़ दामों में तौला हुआ घमंड रहता है। आर्यमौलिक

Jyotiba Rana

" हिम्मत और इंसान " इंसान का जीवन बाहर से जितना साधारण दिखता है, भीतर उतना ही जटिल होता है। हर चेहरे के पीछे एक कहानी छिपी होती है। कुछ अधूरी, कुछ टूटी हुई, और कुछ ऐसी जिनका बोझ सिर्फ वही इंसान जानता है। इन्हीं कहानियों के बीच कहीं हिम्मत जन्म लेती है। हिम्मत कोई ऊँची आवाज़ नहीं होती, न ही हर बार दिखने वाली ताक़त। कई बार वह बस इतना भर होती है कि इंसान टूटकर भी जीने का फैसला करता है। हिम्मत का मतलब डर का न होना नहीं है। डर तो हर इंसान के भीतर रहता है। असफल होने का, अकेले रह जाने का, अपने ही सवालों में खो जाने का। असली हिम्मत तब सामने आती है जब इंसान उस डर को साथ लेकर भी आगे बढ़ता है। जब वह जानता है कि रास्ता आसान नहीं है, फिर भी एक कदम बढ़ाने का साहस करता है। ज़िंदगी अक्सर इंसान से उसकी उम्मीदें छीन लेती है। रिश्ते बदल जाते हैं, सपने अधूरे रह जाते हैं, और कई बार इंसान खुद से ही हारने लगता है। ऐसे समय में हिम्मत किसी नायक की तरह नहीं आती, बल्कि एक थके हुए दोस्त की तरह आती है। जो कहती है, “बस आज रुक मत जाना।” हिम्मत हमें यह नहीं सिखाती कि दर्द नहीं होगा, बल्कि यह सिखाती है कि दर्द के साथ कैसे जिया जाए। हर इंसान की हिम्मत अलग होती है। किसी के लिए सुबह उठकर मुस्कुराना हिम्मत है, तो किसी के लिए चुपचाप सब सह जाना। कोई अपने हालात से लड़कर हिम्मती कहलाता है, तो कोई हालात को स्वीकार करके। दुनिया अक्सर हिम्मत को जीत से जोड़कर देखती है, लेकिन सच यह है कि कई बार हार को स्वीकार कर लेना भी सबसे बड़ी हिम्मत होती है। इंसान कमजोर होता है। यह सच है। लेकिन यही कमजोरी उसे इंसान बनाती है। जो गिरकर उठना सीख ले, जो अपने टूटे हुए हिस्सों के साथ भी खुद को अपनाए, वही सच में हिम्मती होता है। हिम्मत कोई एक दिन की चीज़ नहीं है; यह हर दिन का चुनाव है। खुद को छोड़ न देने का। अंत में, हिम्मत और इंसान का रिश्ता बहुत गहरा है। इंसान हिम्मत से नहीं बनता, बल्कि हिम्मत इंसान से बनती है। जितना इंसान खुद को समझता है, अपने दर्द, अपनी खामोशी और अपनी उम्मीदों को स्वीकार करता है।उतनी ही उसकी हिम्मत मजबूत होती जाती है। और शायद यही हिम्मत है जो इंसान को हर अंधेरे के बाद भी ज़िंदा रखती है। (समाप्त) ~ JyotibaRana

Imaran

जल-जल के दिल मेरा जलन से जल रहा, एक अश्क मेरे आँख में मुद्दत से पल रहा, जिसका मैं कर रहा हूँ घुट-घुट के इंतजार, वो बेवफा ना आई मेरा दम निकल रहा 💔imran 💔

Nisha ankahi

इतने सलीक़े से उसे अलग किया गया, कि कहा जा सके वो कभी उसका हिस्सा थी ही नहीं। - Nisha ankahi

GIRLy Quotes

એ પોતાની પત્ની સાથે પોતાનાં બાળકો સાથે ખુશ છે.. Breakup ના ફક્ત થોડાં જ દિવસો માં.. અને તમે એનાં ફોટોસ વિડિઓઝ જોઈ રડ્યાં કરો છો.. પણ આ જ એક એક્સ્ટ્રા મેરીટલ અફેર ની સચ્ચાઈ છે. પુરુષ અફેર માં લાગણી શોધવા ક્યારેય નથી જોડાતો .. એ એની જીંદગી માં ખુશ જ હોય છે. એ જોડાય છે ફક્ત એક એક્સાઈટમેન્ટ માટે, જિંદગી માં કંઈક નવું ટ્રાય કરવાં માટે. એને તમારી લાગણી થી કોઈ મતલબ જ નથી હોતો, એને showoff કરવો હોય છે કે હજુ પણ હું બીજી ત્રીજી ને ફેરવી શકું છું.. જ્યારે તમારાં માટે એ પ્રાયોરિટી બની ગયો હોય.. અને તમે ફેમિલી થી, હસબન્ડ થી છુપાઈ આડા અવળા ય જઈ એને msg કરી લો છો... કોલ કરી લો છો.. ત્યાં સામે પક્ષે.. તમને કહેવામાં આવશે કે હું ઘરે હોવ ત્યારે મને કોલ કે msg ના કરવાં.. એને પોતાની મેરેજ લાઇફ બચાવી રાખવી હોય છે. જ્યારે તમે એનાં પર બધું કુરબાન કરી બેઠા હોવ છો.. જેને પ્રેમ સમજી તમે કોઈક ના પતિ ને પોતાનો માની બેઠા હોવ છો, એ સમાજ માં ગર્વ થી પોતાની પત્ની નો હાથ પકડી ચાલતો હોય છે. જે અવાર નવાર તમને ફીલ કરાવતો રહે જ છે કે તમે બહાર ના છો.. પણ, યાદ રાખો, જ્યારે એક સમય એવો આવશે કે એણે તમને અને પોતાનાં પત્ની બાળકો માં થી પસંદગી કરવાની આવશે.. ત્યારે એ તમને કોઈ બજારુ સ્ત્રી ની જેમ જિંદગી માં થી કાઢી ફેંકશે.. કેટલાયે લાંછન તમારાં ચરિત્ર પર લગાવશે, ખુદ ને પત્ની પાસે સાચો સાબિત કરવાં.. એક એવા પુરુષ કે જેના માટે તમે ફક્ત એક વસ્તુ છો એની પાછળ જીંદગી બરબાદ કરવા કરતાં... ખુદ ના ફેમિલી પર ધ્યાન દો, કોઈનો પતિ ક્યારેય તમારો થવાનો ય નથી.

Parag gandhi

*આજનું માનવી પણ ગજબનું પ્રાણી છે...* ........ *યશ મા પોતે અને અપયશ માટે ગામ ગોતે*..... ગુડ મોર્નિંગ

Maharshi Trivedi

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Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास जहर बनी जिन्दगी बेवफा के रहनुकरम से जहर बनी जिन्दगी l ख़ालिक की कृपा से जन्नत बनी जिन्दगी ll जब से दर्दों ग़म देकर चल दिये तब से l अश्कों के गुलों का सजर बनी जिन्दगी ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

अभिमानी कायर पुरुष, कभी न पाए लक्ष्य। जीवन भर भटका करे, खाए भक्षाभक्ष्य।। दोहा--३८८ (नैश के दोहे से उद्धृत) -----गणेश तिवारी 'नैश'

kattupaya s

Good morning friends.. have a nice day

M K

आज से तुम्हारे लिए बद्दुआ ही करूंगी, तुम सुकून ढूंढो वो तुम्हे मिल न पाए तुम मुस्कुराओ लेकिन आंखों में पानी पलकों पर आए सुबह की पहली किरण तुम्हे हौसला दे, ढलता हुआ शाम तेरे ज़ख्मों को दोहराए.. तुम इंसान ही गलत हो, तुम्हे कोई तो समझाए.. - M K

Raa

🤒🤒🤒

Soni shakya

🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏 🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹

kapila padhiyar

પરીક્ષા જિંદગીનું બીજું નામ છે. સ્કૂલમાં છેક કેજી થી કોલેજ સુધી, આમજ પરીક્ષા આપી કંઈક ઘણી! પણ આ જિંદગીની પરીક્ષા કંઈક અનેરી, પલકે ને પલકે નવી પહેલી આવે સુનહેરી! સુલજાવો તો સહેલી  યા ઉલજાવે પહેલી, કડીથી કડી મેળવી ઘણી ના સુલજી પહેલી! કલ્પના ના સપના કંઈક અનમોલ વણવેલા, પળભરમાં સપના કંઈક વેરાઈ  મેળવેલા! આવી જીવનની શૈલી કંઈક શણગારેલી, મળેલી જીવનની  ભેટ કંઈક શવારેલી! ખુશીથી આકાશમાં મોતી પરોવા ચાલ્યા, દુઃખથી  સાયરમાં આસુ ભરી આવ્યા!    પરીક્ષા જીંદગીનું બીજું નામ છે. કપિલા પઢિયાર

Dinesh

🙏*જય બાબા સ્વામી*🙏 *આજનો સુવિચાર* પ્રેરણા, પ્રોત્સાહન અને પ્રયાસ આ ત્રણ શબ્દો આપણું જીવન બદલી નાખે છે. *શુભ સવાર*

Mrs Farida Desar foram

मुहब्बत वो होती है, जिससे सुकून मिले, मुहब्बत वो होती हैं, जिसमें एक दूसरे की गलती को, मुआफ किया जाए, मुहब्बत वो होती है, जहाँ गिले, शिकवे, भुला दिया जाए... - Mrs Farida Desar foram

Bitu

धोखेबाज़, वफादार, ईमानदार, झूठी मक्कार औरत हर तरह की होती है यार, वो इच्छा सोने के हिरन की भी रखती हैं । और वक्त आने पर सोने की लंका भी ठुकरा देती हैं। एक औरत बच्चों के लिए शराबी पति के साथ जिंदगी गुजार देती हैं, और एक औरत प्रेमी के लिए पति को मारकर ड्रम में डाल देती हैं । एक औरत रघुवंशी के साथ वन में भी खुश थी, और एक औरत राजा रघुवंश को पहाड़ों में मारकर फेंक आती हैं। कुछ औरत बुलंदियों को छूकर रिश्तों को भूल जाती हैं, और कुछ रिश्तों के लिए खुद के सपने मार देती हैं।

Anup Gajare

दो बार मरती है किताबें— पहली बार दम घुटकर, जब प्रकाशन मूल्य लेखक की जेब से बड़ा हो जाता है। और दूसरी बार चुपचाप, जब पाठक उनका मूल्य चुका नहीं पाता।

ek archana arpan tane

આંખો મા પડેલી કણી ની જેમ ખુચતાં સંબંઘો ને મેં હંમેશ। ને માટે આઝાદ કરી દીઘાં. #… - ek archana arpan tane

MOU DUTTA

তোমায় ঘিরে জীবন আমার তোমায় ঘিরে সব তোমায় ঘিরে নানান চিন্তা তোমায় ভেবেই সব। তোমায় ঘিরে রাত্রি হয় আর তোমায় ঘিরে দিন, কি করে বলি তোমায় তোমার কাছেই ঋণ। হৃদয় আজ ক্লান্ত ভীষন ক্লান্ত চোখের জল নিরুপায় শুধু এই হৃদয়ে ভালোবাসার ধোহাই। হয়তো নদী অশান্ত আজ উত্তাল যত ঢেউ, কি হবে ডুব দিয়ে বলো নেই কোনো এখানে কেউ। তবু যদি শূন্য থেকে হয় আবার শুরু, অপেক্ষাতে দিন গুনি হবে আমার গুরু। কল্পনা রা বলবে তোমায় আজ ও বাসি ভালো, নির্বাক শুধু হৃদয় অমায় নেই যে কোথাও ভালো। তোমার হাতেই স্বপ্ন আমার তোমার হাতেই আমি তোমার হাতেই হৃদয় আমার পর করো না তুমি। হয়তো আমি বেমানান হয়তো আমি উদাসীন হয়তো আমার আমি টাকে আজ ভাবই না। তবু তোমায় ভেবে আমার জীবন হোক শেষ তবু তোমায় ভেবে আমার হৃদয়ে হোক ঘোষণা এই জীবনে তুমি আমার ওগো শুধু তুমি আমার বাসনা।

ek archana arpan tane

અગણિત જખમો નું ઉદાહરણ છું હું તો પણ કમાલ નું હસી શકું છું હું 😀😃🤩 - ek archana arpan tane

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__ दिखावे की इस दुनिया में, सादगी            का गुमान रखते हैं, हम वो हैं, जो टूटे हुए दिलों में भी              जान रखते हैं, तल्खियाँ ज़माने की हमें, मोड़ न               सकीं कभी, लहजे में शहद और सीने में चट्टान                   रखते हैं, माना कि मंज़िलें अभी कुछ फासले                 पर हैं मगर, हम थक हार कर भी कदमों में उड़ान                    रखते हैं, गिला नहीं उनसे जो सफ़र में साथ                  छोड़ गए, हम तो बिछड़ने वालों का भी पूरा            एहतराम करते हैं, महफिलों की चकाचौंध हमें लुभाती                 नहीं ज़ख्मी, हम  अपनी  तन्हाइयों  में ही एक आलीशान जहान रखते हैं…🔥 ╭─❀💔༻  ╨──────────━❥  ♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦  #LoVeAaShiQ_SinGh☜ ╨──────────━❥

Archana Singh

" हर किसी की अपनी-अपनी जर्नी हैं ...! कोई बिखर जाता हैं ... तो कोई संवर जाता हैं "...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

Archana Singh

हीरा परखने वाले से ज़्यादा महत्वपूर्ण , पीड़ा परखने वाला होता हैं ...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

Archana Singh

रिश्ते बिखरनें के बस दो कारण हैं... एक अहम् और ... दूसरे वहम ...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

Archana Singh

अरमां सारे बिखर गए...! दिल टूट सा गया ...! जाने वो कौन मंजर था ...! जब सारे सपने ...! धुंध बनकर रह गए ...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

Archana Singh

" खूबियां क्या हैं मुझमें , ये तो मेरे महादेव जाने , क्योंकि ... ! खामियों की लिस्ट औरों के पास हैं "...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

kajal jha

लड़कियाँ रोती नहीं, बस चुप हो जाती हैं, अपने दर्द को हँसी में छुपा ले जाती हैं। जो टूटता है अंदर हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा, उसकी आवाज़ कभी किसी तक नहीं जाती है। उसे सिखाया गया है हर हाल में समझना, अपनी चाहतों को खामोशी में ही रखना। दर्द जब हद से गुज़र जाए दिल के भीतर, तब भी वो कहती है — “मुझे कुछ नहीं कहना।” एक लड़की का दिल काँच सा होता है, दिखता नहीं पर हर चोट गहरी होती है। सबका ख्याल रखते-रखते थक जाती है वो, और उसकी थकान सबसे अनकही होती Kajal jha - kajal jha

Dhamak

મને ખબર છે, જવાબ મળતા નથી, તોય પ્રયત્ન કરતી રહું છું. નિષ્ફળતા મળી છે, પણ અટકતી નથી. એક નવું ડગ ભરીશ, પોતાનું જગ બદલીશ. બસ, આજ વિશ્વાસે હું રોજ આગળ વધું છું. DHAMAK

M K

मोहब्बत को, मोहब्बत से मोहब्बत हो गई लोगों के अंदाज़ बदले प्यार में आकर कुत्ते पालने की बीमारी हो गई....😁 _M K

Ajay Solanki

મૈત્રી ની મહેક (ગઝલ) “સાથે હસતા-રમતા જે વાત હવે પુરી થઇ ગઈ, એ જ વાત હવે મુલાકાતમાં બદલાઈ ગઈ.” “તારી નજરમાં જે સાદગી હતી સદાય, જોતજોતામાં એ તો શરારત થઈ ગઈ.” મિત્ર કહીને તને સંબોધતો રહ્યો હું, અચાનક તું જ મારી આદત બની ગઈ.” હતી જે મૈત્રી હવે એ ચાહત બની ગઈ, તારી સાથેની વાતો હવે ઈબાદત બની ગઈ. “શબ્દો ખૂટી પડ્યા અને લાગણી શરૂ થઈ ગઈ.” “મૈત્રીમાં તો શાંત હતા, પણ હવે બેચેની બની ગઈ.” ખબર નહોતી કે આવી રીતે તારી અસર થઈ ગઈ, જે હતી માત્ર ભાઈબંધી, હવે એ આદત બની ગઈ.” “શબ્દોની જરૂર ક્યાં રહી હવે વાત કરવામાં, તારી આંખોનું મૌન જ હવે મારી ખબર થઈ ગઈ.” - અજય સોલંકી

રોનક જોષી. રાહગીર

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Awantika Palewale

સવારના પહેલા કિરણમાં જે અહેસાસ છે, એ તું છે, મારી અધૂરી રહેતી દરેક વાતનો જે વિશ્વાસ છે, એ તું છે. નથી જોઈતું મારે આખું આભ કે ચાંદ તારા, મારા ખાલી પડેલા આંગણમાં જે ઉજાસ છે, એ તું છે. દુનિયાની ભીડમાં તો લાખો ચહેરાઓ મળે છે, પણ એકાંતમાં જે દિલની સાવ ખાસ છે, એ તું છે. વરસી જાય છે વાદળ બનીને તારી યાદો ક્યારેક, ભીંજાઈ જઉં હું જેમાં, એ મીઠો વરસાદ તું છે. નથી ખબર કે ક્યાં જઈને અટકશે આ સફર, પણ મારી મંઝિલનો અંતિમ પડાવ તું જ છે. શબ્દોમાં લખું તો તું મારી એક કવિતા છે, અને મૌનમાં સાંભળું તો તું મારો શ્વાસ છે.

M K

ये तो पता था मुझसे तुम झूठ बोलते हो, पर ये नहीं पता था धोखेबाज भी निकलोगे... - M K

M K

कोई पढ़ पाए दर्द मेरा तो, कोई उसे पढ़ कर समझाए... कमबख्त बड़ा नासमझी करता है, समझने में मुझे ... एक दिन याद तो आऊंगी तुम्हे, पर तेरे क़रीब नहीं ...! " याद रखना " तुम्हे जवाब तेरे लहज़े में दूंगी ....!! - M K

S A Y R I K I N G

वो इतनी कंजूस जब रुकसत हुई तो रोई भी चार कतरे हमारी दरिया दिली अलग थी हमारा दरिया निकल रहा था

Soni shakya

जब सारा मंज़र विरान सा लगने लगता है..! तेरी यादों से चिराग़ रोशन कर लिया करती हुं.!! - Soni shakya

Satyam kumar

A Smile in the Morning Light The sun wakes up with a golden smile, Painting the sky for a little while. Birds sing softly, hearts feel free, Happiness hums inside of me. Laughter dances in simple things, In gentle words and moments it brings. A cup of hope, a dream so small, Yet it’s enough—I have it all. Every step feels warm and bright, Even shadows glow with light. Joy is not loud, it softly stays, Living with us in everyday days. So breathe it in, this peaceful cheer, Hold it close, keep it near. For happiness blooms when we choose to see, The beauty of now, the joy of being free.

S A Y R I K I N G

हम भी कुछ जल्दी में थे तुम भी कुछ जल्दी में थे और वक्त भी कुछ जल्दी में था इस तरह हम तीनों अधूरे रह गए

kattupaya s

Goodnight friends sweet dreams

Prithvi Nokwal

माँ तेरे जानें के बाद खुद को असुरक्षित सा महसूस कर रहा हूं, ऐसा लगता है मेरा सुरक्षा कवच टूट गया हो! - Prithvi Nokwal

M K

जिस दिन बेपरवाह हो गई मैं तुम्हारी मोहब्बत से, यकीन मानो मेरा सबसे ज्यादा आंसू तुम बहाओगे... गलती नहीं ये तो मेरी मोहब्बत थी, जिसे तुमने समझने से ज्यादा मुझे बर्बाद किया ...!!😢 - M K

archana

मैंने चाहा था घर-सा रिश्ता, महल की ख्वाहिश नहीं थी, जो रूखा-सूखा दे दे कोई, उस पर भी कोई फरमाइश नहीं थी। हालात उसके अपने जैसे, मैंने अपने मान लिए थे, उसकी रोटी मेरी रोटी, उसके आँसू अपने जान लिए थे। पर दिल तो उसका कहीं और था, ये बात छुपाई उसने, और इल्ज़ाम वफ़ा पर आया, हर कमी गिनाई उसने। पूछा मुझसे – “तुमने दिया ही क्या?” बड़ी आसानी से, उसने देखा ही नहीं, मैंने खुद को दे दिया ख़ामोशी से। जिसका दिल किसी और के पास हो, वो क़दर क्या जाने, सच्चे प्यार की कीमत अक्सर, झूठे लोग नहीं पहचानें।

kapila padhiyar

જ્યારે તને મેં શોધ્યો માધવ   ત્યારે તું ક્યાં મળે છે  માધવ. મારી એકલતામાં તારો જ એક સથવારો, મારી મહેફીલોમાં પણ તુંજ સમાણો. આવને મળવા એક ક્ષણ તો , ક્યાં પુરી જિંદગી માગી છે તારી . પાગલ મીરા તો નથી કે નથી નરસૈયો હું, મારે તો બસ સુભદ્રા જેવો નાતો . રાખડી સાથે દુઆઓ હજાર કરૂ છું . ભેટ ક્યાં માંગી છે કોઈ મે તુજથી ? બસ મારી અનમોલ ભેટ  તુજ છે. જ્યારે તને મેં શોધ્યો માધવ, ત્યારે તું ક્યાં મળે છે માધવ .                         કપિલા પઢીયાર ( કલ્પી)

NetramEyeCentre

Netram Eye Foundation successfully conducted an eye check-up camp at Vridha Mitra Kendra, Madanpur Khadar, focusing on promoting eye health and regular vision care among senior citizens. The camp aimed to provide timely eye consultations, raise awareness about age-related eye conditions, and emphasize the importance of regular eye check-ups for maintaining good vision and quality of life. Our team interacted with the participants and offered guidance on preventive eye care and timely treatment. Initiatives like these reflect our continued commitment to community welfare and accessible eye care for all. We sincerely thank everyone who supported and participated in making this camp successful. #NetramEyeFoundation #EyeCheckupCamp #SeniorCitizenCare #CommunityHealthcare #VisionCare #EyeHealth #PreventiveCare #HealthcareOutreach

Imaran

आप बेवफा होंगे कभी सोचा ही नहीं था, आप कभी खफा होंगे सोचा ही नहीं था, जो गीत लिखे हमने कभी तेरे प्यार पर तेरे, वही गीत रुशवा होंगे सोचा ही नहीं था ✍️imran ✍️

susma Mishra

vah Kaun Hai jisne mujhe awaaz to nahin Di per main thahar ja Gaya hu

Prithvi Nokwal

इतने साल हो गये इन बातों को , ये कह देने से कोई बात खत्म नहीं हो जाती !

Soni shakya

तेरा साथ ना मिला तो कोई ग़म नहीं..! तेरा प्रेम मिल गया वो भी कम नहीं..!! - Soni shakya

Ashok Bariya

​સાબરમતીના સંત: ગાંધી બાપુ ​હાથમાં લાકડી, આંખે ચશ્મા, સાદગીનો એ શણગાર, સત્ય અહિંસાના શસ્ત્રો જેણે, જીત્યો આખો સંસાર. ​નહોતી તોપ કે નહોતી તલવાર, બસ હૈયામાં હતી હામ, ઝુકાવી દીધી બ્રિટિશ હકૂમત, એવું અમર એનું કામ. ​સાબરમતીના સંત તમે, રેંટિયો તમારો સંગાથ, ખાદીના વસ્ત્રો પહેરીને, ધર્યો ગરીબોનો હાથ. ​ડર નહોતો કોઈ જેલનો, નહોતો કશાનો મોહ, શાંતિના માર્ગે લડ્યા તમે, જગાવ્યો દેશપ્રેમનો છોહ. ​બાપુ તમે છો અમર અમારા, ભારત માતાની શાન, યુગો યુગો સુધી ગુંજશે, તમારું જ પુણ્યગાન. ​કવિતાનો ટૂંકો સાર: ​આ કવિતા ગાંધીજીના સાદા જીવન, તેમના સત્ય અને અહિંસાના સિદ્ધાંતો અને કેવી રીતે તેમણે કોઈપણ હથિયાર વગર દેશને આઝાદી અપાવવામાં મુખ્ય ભૂમિકા ભજવી તે દર્શાવે છે.

Hardik Galiya

મનગમતી મારી પતંગ, કોઈ ઉડાડી ગયું છે, સૂતેલી મારી શ્રદ્ધા, કોઈ જગાડી ગયું છે. નહોતી ખબર ઇશ્ક તણા,પેચો છે કેવા કઠિન, આપીને શરત શ્વાસની,કોઇ રઝળાવી ગયું છે જોઉં છું લાચાર થઈ , સૂનું ગગન હું તો હવે, બાજી જીતેલી હતી, કોઈ બગાડી ગયું છે. રાજી હતો હું એમ કે, છે દોર મારા હાથમાં, કાપી પતંગ હવે કહો, કોણ તે કાપી ગયું છે? બાકી રહી છે યાદ બસ, સૂની હથેળીએ હવે, લુટાઈ ગયો જેના પર, તે જ તડપાવી ગયું છે – હાર્દિક ગાળિયા

वात्सल्य

તારી નજરને કારણ હું દૂર ના જઈ શકયો કે ના નજીક આવી શક્યો. - वात्सल्य

Komal Arora

The worse thing in the world is waiting ....... जब मन का हाल कोई समझ ना पाए....... या कहें कि खुद ही बेचैन से हो जाए...... बगैर किसी वज़ह के........ जिस से बात करनी हो वो साथ ही ना हो...... या यू कहे कि साथ हो कर भी ना हो........ तब जो समय खुद का खुद के साथ निकालना होता है........ that is worse.......

Nandini Agarwal

मेरा भारत महान ' मेरी संस्कृति मेरी धरोहर । क्या अब भी नियन्त्रण चल रहा है। मेरे ख्याल से नहीं। शॉपिंग के लिए जाओ। कपड़े खरीदने जाओ और "मै ' साडी मे सादा सिम्पल सरल स्वभाव तो बाहर से ही शोरूम मे जाने से पहले गार्ड कह देता है। मेम यहाँ वेस्टन कपड़े मिलते है। घुमते - घूममे बहुत देर हो गयी तेज बारिश होने लगी। "तो मन आया पास मे रेस्टोरेंट मे कुछ खा लेते हैं। वहां हम चेयर पर बैठे ही थे। वेटर बोला चाइनीज फूड ही मिलेगा । हम यू ही आ गये। ऐसा नही लग रहा था । हम अपनी देशी धरोहर में ही है। आते - आते रात हो गयी । काफी देर होने के बाद खाने का टाइम हो गया होटल मे खाने की टेवल पर बैठे । मैनयू कार्ड देखा सब कार्डी मांसाहारी व्यंजनों से भरा हुआ था। फिर तो वहाँ होटल मे पानी भी गले से नही उतरा । जो कि हमारे घर में प्याज लहसुन तक नही खाया जाता । वहाँ अण्डा , मांस तो एक हत्या पाप के बराबर है। ( कहाँ गया हमारा धर्म) ? जब बच्चो के स्कूल मे पेरेन्ट्स मिटिंग में जाती हूं। क्यास टीचर का व्यवहार जिस बच्चे की मम्मी स्टाइलिस्ट लुक दो चार वर्ल्ड इंगलिश में बोल दिया या फिर नौकरी पेशा वाली गाडी खुद ड्राइविंग कर के आयी तो उसकी बातो को ध्यानपूर्वक सुन कर मुस्कुरा कर जबाब दिया जा रहा था। और मैं सीधे स्वाभाव से पूछा मेरा बच्चा क्लास मे व्यवहार - पढाई ने कैसा चल रहा है ? तो मेरे बच्चे मे चार कमी निकाल कर जबाब दिया जाता है। जब कि हमारे हिसाब से हमारा बच्चा सही है। क्या व्यक्ति की पहचान दिखावे से होने लगी है। मन की सरलता अपनी पहचान सादगी से नही सोचो अभी ही हाल है। हिन्दू शासन मे साधे का परिणाम कितना घातक होगा।

Nandini Agarwal

तस्वीर घर में ' दीवाली कीथा सफाई करते - करते एक पुरानी तस्वीर हाथ लग गयी। वो तस्वीर में मुस्कुराती ' आँखो में सपने लिय कोई राजकुमार ' सालीनता , चहकता चेहरा कितनी खूबसूरत व सादगी भरा ' उस तस्वीर मे मैं जैसे खो सी गयी। क्या' दौर हुआ करता था। कितनी मधुरता हुआ करती थी ' रिश्तों में । कोई' भेद-भाव तुलनात्मक जीवन नहीं था। जो जैसा है। वैसा सही है। आस -पास जात - पात ऊँच - नीच काम-काज में कोई भी नजरिया अलग नहीं था। उसी पर व्यक्ति धेर्य बांध कर जीता था। डिप्रेशन नाम की कोई चीज नहीं थी। जिस लड़के के साथ विवाह कर दिया । उसी को अपना फर्ज अपना कर निभा लिया करती थी। (करते थे) दो समय की रोटी, दो जोड़ी कपड़े ' सर के नीचे छत पर खुश रहता था। ताजी हवा पानी का तो क्या कहना, रगो मे मिट्टी की खुशब कही भी बैठ जाओ। धरती माँ का एहसास होता । बस यू कहां जाये प्रकृति से जुड़ा हुआ हर व्यक्ति जो एक हिन्दूतानी होने पर गर्व महसूस करता था। तभी शकुनतला " की कोहनी से आईना नीचे गिर टूट गया। शकुनतला की चेतना जागी ' मैं भी कहां खो गयी। आईने के टुकड़ों मे अपने आप को देखा , जितने आईने के  टुकड़े हर एक टुकड़ा कुछ कहता था। जीवन मे तरह -तरह के रिश्ते निभाये ' तस्वीर से आईने मे झांका और देखा वही लड़की । जिसका चेहरा झाइयों से घिर गया। हर एक झाई में जीवन का तर्जुवा था। परिवार को पचास पचपन साल दिये । अन्त में वही आ गयी जहाँ से शुरू किया। मैं और मेरे पति महोदय । सालो साल हो जाते है। बेटे-बहू पोते पोती के मुँह देखे बिना विदेश मे नौकरी करने से ' लोगो की मानसिक सोच है। कामयाबी ' बेटी मेरी सोन चिड़ियां पंक्षी की तरह उड़ गयी। अपनी गृहस्थी से जब समय होता है। तब आना ' सारा घर काटने को दौड़ता है। अरे भाग्यवान आओ साथ मे खाना खाते हैं। मैने आलू पराठा बना लिया और साथ मे दही जब तक श्वांस है तब तक तो साथ है। पति - शकुनतला अब थोड़ा मुस्कुरा दो, जिस मुस्कान पर मैं फिद हूं।

Bhavna Bhatt

સુંદર અભિવ્યક્તિ

M K

चुप रह कर बोलना सिख गई, मैं मोहब्बत हूं, टूटना सीख गई कोई बताए उसे मोहब्बत में सौदेबाजी नहीं होता है झूठ के कलम से कहानी लिखी नहीं जाती ...!! - M K

M K

खुद को खोने से डर नहीं लगा मुझे, तो तुम्हे खोने से कैसे लगेगा?? जरूरी नहीं तुम झूठे निकले, गलती शायद मेरी थी, मुसाफ़िर को अपना कहा ।। भूल गई थी मुसाफ़िर का कोई ठिकाना नहीं होता है, हर किसी को अपना कहता है, लेकिन किसी का अपना नहीं होता है....!! - M K

Raj Brahmbhatt

"अनुभूति" 🍂✨ https://whatsapp.com/channel/0029VbBgJYA1SWt3jmeneP2I

swati

बहूत कुछ खोया मैने , मंजिल तुझे पाने के लिए एक तू है कि अब तक ना मिली, अब भी लगे हैं डटकर हम , दिन रात सुबह ओ शाम , उम्मीद मे तुम्हारे , अब मर्जी तेरी , देख लेना फिर में तुमसे , आगे मैं मिलूं के नहीं .....✍️✍️

Saroj Prajapati

धूप का वो एक कतरा बैठा कुछ जुदा सा है मालूम होता है वो जिंदगी से कुछ खफा सा है।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati

રોનક જોષી. રાહગીર

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Dhamak

(સાધારણ બોલો છો તે શું છે) હું ....સમજાવું 😊. સાધારણ થી સુંદર બીજું કાંઈ નથી, નાનું ફૂલ પણ એ જ કહી જાય છે. (એટલે સાધારણ હોવું કાંઈ ખોટું નથી)😀 (ઢમક) DHAMAK

Tr. Mrs. Snehal Jani

હવામાં ઊંચે ઉડતો પતંગ એક જ વાત શીખવે છે કે જેમ પવનનો સાથ મળતાં એ ઊંચે ઉડે છે અને સમય પૂર્ણ થતાં નાશ પામે છે એમ જ આપણે પણ જિંદગીમાં મળતી તક યોગ્ય રીતે વાપરી ઉચ્ચ પદે પહોંચવું. સાથે સાથે ધ્યાન રાખવું કે આ સ્થાન ચિરંજીવ નથી. સમય બદલાતાં ફરીથી નીચે આવવું જ પડે છે. આથી જ્યાં સુધી ઉચ્ચ પદ પર છીએ ત્યાં સુધી જે તમારી નીચેનાં વ્યક્તિઓ છે એમની કદર કરી લેવી. શું ખબર કાલ ઊઠીને આપણાં બંનેની પરિસ્થિતિ એકદમ વિરૂદ્ધ હોય? ત્યારે આપણાં કર્મો એ વ્યક્તિ આપણને યાદ અપાવે તો તકલીફ થાય એવી સ્થિતિ ઊભી ન થવી જોઈએ. બાકી જીવનનો અંત તો ગમે ત્યારે થવાનો જ છે. આ અંત પછી પણ જીવતાં રહેવું હોય તો લોકોની સારી યાદોમાં સ્થાન પામવા પ્રયત્ન કરવા.

M K

कहते हैं ये दुनियां बुरी है, सच तो यह है तुम्हारे ख्याल ही बुरे है। मैं तुम्हारी होना चाहती थी पूरे रस्मों रिवाजों से पर तुम्हे फरेब करने की जल्दी थी । मैं रस्मों रिवाजों का मान रख लेती, जरा सोचो तुम मुझसे जुड़ने के बाद बदल जाते तो क्या करती ?? तुम्हारी इतनी सी ही सोच है, तुम तोड़ो भी मुझे और मैं मुस्कुराऊं नहीं ... तो तुम गलत हो, ये मेरी जिंदगी है... झूठों के लिए आंसू कब तक बहेंगे...!! - M K

Gautam Patel

Gujarati song8855

Dada Bhagwan

ऑफिस में जूनियर हमारी बात न सुने तब क्या करें? आइए, इस विडीयो में समझते हैं कुछ प्रेक्टिकल टिप्स पूज्य नीरू माँ से। #selfhelp #selfimprovement #office #trending #DadaBhagwanFoundation

Saliil Upadhyay

આજની હાસ્ય વાર્તા.. એક છોકરી પોતાના બોયફ્રેંડ સાથે બગીચામાં બેઠી હતી... એટલામાં છોકરીનો પતિ આવી ગયો અને બંનેને જોઈ લીધા... છોકરીનો પતિ બોયફ્રેંડને મારવા લાગ્યો... છોકરી બોલી: માર સાલાને હજુ માર... પોતાની બૈરીને ફેરવતો નથી અને બીજાની બૈરીને લઈને બગીચામાં ફરે છે...! થોડીવાર પછી બોયફ્રેંડ છોકરીના પતિને મારવા લાગ્યો... છોકરી બોલી: માર સાલાને હજુ માર... પોતે ફરવા લઈ જતો નથી અને બીજાને લઈ જવા દેતો પણ નથી.. !

ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

અટપટા રસ્તામાં, નાનીનાની ગલીઓમાં, ખોવાય જતો રસ્તો કે પછી પગલાં મારા. - ભૂપેન પટેલ અજ્ઞાત

Parmar Mayur

वो फटी- तूटी पतंगें, जर्मी पर 'बिखरकर' गिरी पड़ी थी, या कोई जगह लटकी हुई थी। जिंदगी में 'किसी की खुशी के लिए', खुद का बलिदान देना पड़े तो कैसे देना, वह कितना सरल और सहज, तरीके से 'समझाकर' चली गई।

Miska

Dreams run in my blood becoming the fifth doctor in my family

Vyas Kinju

💔 રાહ જોઈ જોઈને થાકી ગઈ છું, દરેક દિવસ હવે ભાર જેવો લાગે છે. 😔 તારી રાહ જોવાને બદલે જીવવું પણ ક્યારેક મુશ્કેલ લાગે છે. 🌱 પણ એક વાત જાણું છું— હું જઈ રહી છું, કારણ કે પોતાને ગુમાવવાથી દૂર જવું વધારે જરૂરી છે. kinj.... - Vyas Kinju

Vyas Kinju

💔 जब उसे मेरी ज़रूरत थी, मैं हमेशा तैयार थी। 😢 पर जब मेरी आँखें भीगीं, उसके कदम नहीं आए। 💓 दिल तड़पता रहा चुपचाप, इश्क़ की राहें बहती रहीं हर साज। 🌙 मैं तुझारी राह देखती रही, पर तू मेरी दुनिया तक क्यों नहीं आया। 📖 यादें रह गईं, दर्द रहा बाक़ी, तेरे बिना दिल कभी नहीं भर पाया। ⏳ हर पल तेरा इंतजार रहा, पर तू खुद कभी पास न आया। 🕯️ कितनी बार मैंने खुद को कहा, “ये दूरी भी गुजर जाएगी।” 💧 पर हर रात तेरी यादों में कटती रही, और हर आँसू बस तेरे लिए ही बरसता रहा। kinj

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

https://youtube.com/shorts/uQxVaKVkBjE?si=l8pMYIuF3_9oADb7

Jeetendra

शाम के छः बजकर बीस मिनट। घर में सन्नाटा। केवल फ्रिज की हल्की-सी गुनगुनाहट और दूर कहीं पड़ोस के बच्चे का साइकिल का घंटा। मैं किचन से निकली। ड्रॉइंग रूम की मेज पर नज़र पड़ी। वही आधा गिलास। पानी का। ठंडा। ऊपर से बर्फ का एक छोटा-सा टुकड़ा अभी भी पिघल रहा था। किनारे पर हल्का-सा पानी का दाग। कल रात उसने रखा था। रात के ग्यारह बजकर कुछ मिनट। टीवी बंद करके उठा था। गिलास भरा। दो घूँट पीए। बाकी छोड़ दिया। फिर बोला—"सोने चलते हैं।" मैंने कहा—"गिलास तो उठा लो।" उसने कहा—"सुबह कर लेंगे।" सुबह हुआ। गिलास वहीँ। दोपहर हुई। गिलास वहीँ। अब शाम हो गई। गिलास अभी भी वहीँ। मैंने सोचा—उठा लूँ। धो दूँ। पर हाथ नहीं बढ़ा। क्योंकि ये सिर्फ़ गिलास नहीं था। ये एक छोटा-सा समझौता था। एक छोटी-सी जंग। जो हम दोनों लड़ रहे थे—बिना बोले। अगर मैं उठाती, तो मानो मैं हार मान रही हूँ। अगर वो उठाता, तो मानो वो झुक गया। और हम दोनों को ही ये लग रहा था कि जो पहले झुकेगा, वो हारा हुआ होगा। तो गिलास वहीं रहा। पानी अब गुनगुना हो गया। बर्फ गायब। और ऊपर हल्की-सी धूल जम गई। मैं कुर्सी पर बैठ गई। गिलास को घूरती रही। फिर धीरे से बोली— "अब तो बस करो। एक गिलास पानी ही तो है।" पर जवाब किसी ने नहीं दिया। न गिलास ने। न घर की खामोशी ने। न उसने—जो अभी तक ऑफिस से लौटा नहीं था। मैंने हाथ बढ़ाया। गिलास उठाया। एक घूँट पीया। ठंडक अब नहीं थी। स्वाद भी नहीं। बस एक पुरानी आदत। फिर गिलास सिंक में रख दिया। पानी बहाया। साफ़ किया। सुखाकर रख दिया। पर मन में कुछ टूटा नहीं। न कुछ जीता। बस एक आधा गिलास खत्म हुआ। जैसे हमारा एक छोटा-सा हिस्सा भी खत्म हो गया हो। अब मेज पर कुछ नहीं। खाली। साफ़। और बहुत शांत। शायद यही चाहिए था। न गिलास। न पानी। न लड़ाई। बस खाली मेज। और थोड़ा सा सुकून। कल सुबह फिर से कोई गिलास रखेगा। शायद पूरा। शायद आधा। पर आज के लिए—बस इतना ही।

Nithya Reddy

आपको और आपके परिवार को मकर संक्रांति की 2026 की ढेरों शुभकामनाएं बि. नित्या रेड्डी

Paagla

मुझे नहीं पता क्या हुआ था उस रात, तू दूर चली गई मुझसे छुड़ा कर अपना हाथ, आज इतने दिनों बाद दिखे तो सोचा पूछ लूँ, क्या तुम खुश हो गैरों के साथ।

Parag gandhi

જિંદગી પણ કેવી અજીબ છે, ખુશ રહીએ તો લોકો બળે છે અને ઉદાસ રહીએ તો પ્રશ્ન પૂછે છે !! 🌹🌷🌻શુભ સવાર🌻🌷🌹

Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास ज़ुल्म-ओ-सितम ज़ुल्म-ओ-सितम के शिकार होने से डर लगता हैं l जी जान से मार देने वाला खूनी ज़हर लगता हैं ll वहसियत और खूना मरकी आम बात हो गई है l अपने शहर में अपने ही लोगों से डर लगता हैं ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

छोटे छोटे खर्च पर, रखिए अपना ध्यान। छोटा छिद्र जहाज को, पहुँचाता शमशान।। (नैश के दोहे से उद्धृत) ------गणेश तिवारी 'नैश'

Gautam Patel

રિજેન્ટ ડાયમન્ડ એક મહામૂલો હીરો ૧૭૦૧ દરમ્યાન હૈદરાબાદ રાજ્યની પર્તિયાલા ખાણમાં મળી આવેલો ૪૧૦ કેરેટનો રિજેન્ટ ડાયમન્ડ હતો. ખાણ પર નિઝામની માલિકી હતી, પણ જે મજૂરને રિજેન્ટ મળ્યો તેણે એ નિઝામને સુપરત કર્યો નહિ. છરી વડે પોતાના શરીરમાં જખમ ખોતરી હીરો તેમાં સંતાડ્યો અને પાટો બાંધી દીધો. ભાગીને તે મદ્રાસ જતો રહ્યો. પકડાઇ જવાની બીકે તે દેશ છોડવા માગતો હતો. મદ્રાસ બંદરે તેણે વિદેશગમન માટે બ્રિટિશ વહાણના કેપ્ટનની સહાય માગી અને બદલામાં હીરાની કિંમતનો અડધો હિસ્સો આપવાનું કબૂલ્યું. કેપ્ટન દગાબાજ નીકળ્યો. મધદરિયે પહોંચ્યા બાદ તેણે હીરો પડાવી લીધો અને મજૂરને દરિયામાં ફેંકી દીધો. વહાણને તેણે મદ્રાસ બંદર તરફ પાછું વાળ્યું. મદ્રાસ બંદરે પાછા ફરેલા અંગ્રેજ કેપ્ટને.રિજેન્ટ હીરો ત્યાંના સ્થાનિક વેપારી જયચંદને ૧,૦૦૦ પાઉન્ડમાં વેચી દીધો. જયચંદે તે વર્ષો સુધી રાખી મૂક્યો, કેમ કે માલ ચોરીનો હતો. છેવટે અંગ્રેજ ગવર્નર થોમસ પિટ સાથે ૨૦,૦૦૦ પાઉન્ડમાં સોદો કરી નાખ્યો. આઠેક વર્ષ બાદ પિટ બ્રિટન પાછો ફર્યો. મૂળ ૪૧૦ કેરેટના ડાયમન્ડને તેણે કપાવી પાસાદર બનાવ્યો, એટલે વજન ૧૪૦.૫ કેરેટ જેટલું રહી જવા પામ્યું. કિંમતી હીરાની સલામતી અંગે પિટને સતત ફિકર રહેતી હતી, એટલે ચિંતામુક્ત થવા ફ્રાન્સના ઉપશાસક ચૂક ઓફ ઓર્લિયન્સને તે ડાયમન્ડ ૧,૩૫,૦૦૦ પાઉન્ડના ભાવે આપી દીધો. હીરો રિજેન્ટ તરીકે જાણીતો બન્યો. આજે રિજેન્ટ પેરિસના લુવ્ર મ્યૂઝિયમમાં પ્રદર્શિત છે. https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=pfbid02bu2yTBegjwjhEXMEx9XnC3r8GKVw4boCSn3n3qC6St8gfMso9anQF3DrdhiZXhoAl&id=61560554257417&mibextid=Nif5oz

kattupaya s

Good morning friends.. have a great day

Nisha ankahi

लगाव (औरत की ज़बान में) लगाव औरत के हिस्से अक्सर विरासत की तरह आता है ना माँगने की आज़ादी, ना छोड़ने की छूट। हमने जिसे प्रेम कहा, वह अक्सर समझौते की एक लम्बी परछाईं था जहाँ चाहत धीरे-धीरे कर्तव्य में बदल दी गई। लगाव ने मुझसे मेरा समय लिया, मेरी देह की थकान, मेरे मौन की मेहनत और बदले में मुझे समझदार कहलाने का तमगा दिया। जब मैंने सवाल किया, कहा गया “ज़्यादा मत सोचो, तुम जुड़ी हुई हो।” जुड़ाव यहाँ एक खूबसूरत शब्द था मेरे हक़ काटने का। मुझे सिखाया गया कि लगाव त्याग है, पर किसी ने नहीं बताया कि त्याग की क़ीमत हमेशा औरत ही क्यों चुकाती है। आज समझ आता है लगाव अगर मेरी आवाज़ दबा दे, मेरी आकांक्षा छोटा कर दे, मेरी पहचान को किसी और के नाम पर टिका दे तो वह प्रेम नहीं, एक सलीकेदार क़ैद है। मैं अब भी जुड़ सकती हूँ, पर झुककर नहीं। मैं लगाव चुनूँगी वहाँ, जहाँ मुझे पूरा इंसान रहने दिया जाए। @निशा अनकही

Imaran

जाने मेरी आँखों से कितने आँसू बह गए, इंसानो की इस भीड़ में देखो हम तनहा रह गए, करते थे जो कभी अपनी वफ़ा की बातें, आज वही सनम हमें बेवफ़ा कह गए 💔imran 💔

Soni shakya

🌹आपका दिन मंगलमय हो 🌹

Raa

Happy Army all family

વિનોદ. મો. સોલંકી .વ્યોમ.

" પીંજરું નીકળતું નથી " શીખ આપવાની રીત ન્યારી જિંદગીની, એ શીખવે જે, એ કોઈ શીખવતું નથી. એ દોસ્ત, મને ન યાદ કરાવીશ તું એને, બાદમાં, દિલ એને કેમેય વીસરતું નથી. પ્રણયમાં મતલબની દોસ્તી ન મિલાવ, પાષાણ દિલ કદી પણ પીગળતું નથી. પંખી તો પાજરેથી નીકળી ગયું, પણ! એ પંખીમાંથી પાંજરું નીકળતું નથી. નિર્મળ તો લાગણીથી ભીંજાઈ જાય, નિષ્ઠુરને "વ્યોમ" પણ ભીંજવતું નથી. ✍...© વિનોદ. મો. સોલંકી "વ્યોમ" જેટકો (જીઈબી ), મુ. રાપર

Hemant pandya

વાત ખુદની હોય કે અન્ય ની કયા સુધી આ શુખ દુઃખ ની અનુભૂતિ માં પડ્યો રહું ભગવંત? દયા કરૂણા ની તો ભરતી આવે હદયનો સાગર છલકાઈ આશું ઉભરી આવે, પણ હે ભગવંત ક્યાં સુધી આ રમત તું મને રમાડીશ? આ પીંજરામાં પુરાયેલો જીવ ખુબ મુઝાય છે, મને મુક્ત ગગન જોઈએ, મુક્ત કર મને ભગવંત, મને પીજરૂં નહીં મુક્ત ગગન જોઈએ - Hemant pandya

Hemant pandya

જ્યારે શીવ પદજ સત્ય છે સાસવત છે, તો બીજું બધું ક્ષણ ભંગુર નાશવંત જેટલી ચાવી ભરી રમકડાંમાં એટલું જ ચાલશે, ન એથી ઓછું ન અધીક, ચલાવનારો શીવ છે, તું માત્ર નીમીત બની સહારો બન જીવ માત્ર નો, જીવન સફર કોઈનો સુમસાન ન ભાષે, કોઈ જીવનમાં ખુદને એકલું અટુલું ન મહેસૂસ કરે, બની શકે તો વીસામો બન - Hemant pandya

Hemant pandya

માણસને માત્ર આશ જીવાડે છે, આશ મરી માણસનું જીવન ખતમ, કોઈ મુજ પર આશ રાખી બેસેલ હોય તો હું કેવીરીતે કોઈની આશ મારી તેને મરવા દઉં? જો એની દીશા સહી હોય તો તેને શક્ય તેટલી યથા શક્તિ નીમીત માત્ર બની મદદ, અને દીશા ભુલ્યા ને સહી દીશા બતાવવી એ મારી ફરજ છે - Hemant pandya

Hemant pandya

કયા સુધી આ દેખાવ ચાલશે? હતું એવું કશુંજ રહેતું નથી, સારૂં ખરાબ તો માત્ર મનની અનુભુતી છે, અને બીજા બધા હું પદ ના ભાવ જે હું પદ ત્યજી શો..હમ ધારણ કરે છે, આદેશ લે છે એજ પુર્ણતા ને પામે છે, ગુરૂ વીના જ્ઞાન ન હોવે.. ગુરૂ વીના ન સુજ પાવે, ગુરૂ ની ગતી વીના માત્ર જીવને અધોગતિ જ મળે છે, જીવ આમ તેમ અવળોજ ભટકે છે - Hemant pandya

Hemant pandya

તમે કોને છેતરો છો? ખુદને કે અન્ય ને? બસ જીવને મનાવવાના પ્રયાસ માત્ર કરો છો, માત્ર જીવને મનાવવાના, જો સંતૃષ્ટ હોય જીવ તો તેને કોઈજ દેખાવ ની જરૂર જ ન હોય. પણ તમો ગુણી જીવ ને કંઈ કહેવા કરતાં મૌન શ્રેષ્ઠ ઉપાય છે. બાકી પુર્ણ હોય તે શાંત હોય અપુર્ણ હોય તે ...? સમજી ગયા? જેમાં અપુર્ણતા એના દેખાવ વધુ હોય - Hemant pandya

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